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Surah As-Sharh ( The Opening Forth)

Hindi Muhammad Farooq Khan

Surah As-Sharh ( The Opening Forth) - Aya count 8

أَلَمْ نَشْرَحْ لَكَ صَدْرَكَ ﴿١﴾

क्या ऐसा नहीं कि हमने तुम्हारा सीना तुम्हारे लिए खोल दिया?

وَوَضَعْنَا عَنكَ وِزْرَكَ ﴿٢﴾

और तुमपर से तुम्हारा बोझ उतार दिया,

ٱلَّذِىٓ أَنقَضَ ظَهْرَكَ ﴿٣﴾

जो तुम्हारी कमर तोड़े डाल रहा था?

وَرَفَعْنَا لَكَ ذِكْرَكَ ﴿٤﴾

और तुम्हारे लिए तुम्हारे ज़िक्र को ऊँचा कर दिया?

فَإِنَّ مَعَ ٱلْعُسْرِ يُسْرًا ﴿٥﴾

अतः निस्संदेह कठिनाई के साथ आसानी भी है

إِنَّ مَعَ ٱلْعُسْرِ يُسْرًۭا ﴿٦﴾

निस्संदेह कठिनाई के साथ आसानी भी है

فَإِذَا فَرَغْتَ فَٱنصَبْ ﴿٧﴾

अतः जब निवृत हो तो परिश्रम में लग जाओ,

وَإِلَىٰ رَبِّكَ فَٱرْغَب ﴿٨﴾

और अपने रब से लौ लगाओ