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Surah Al-Humazah ( The Slanderer )

Hindi Muhammad Farooq Khan

Surah Al-Humazah ( The Slanderer ) - Aya count 9

وَيْلٌۭ لِّكُلِّ هُمَزَةٍۢ لُّمَزَةٍ ﴿١﴾

तबाही है हर कचो के लगानेवाले, ऐब निकालनेवाले के लिए,

ٱلَّذِى جَمَعَ مَالًۭا وَعَدَّدَهُۥ ﴿٢﴾

जो माल इकट्ठा करता और उसे गिनता रहा

يَحْسَبُ أَنَّ مَالَهُۥٓ أَخْلَدَهُۥ ﴿٣﴾

समझता है कि उसके माल ने उसे अमर कर दिया

كَلَّا ۖ لَيُنۢبَذَنَّ فِى ٱلْحُطَمَةِ ﴿٤﴾

कदापि नहीं, वह चूर-चूर कर देनेवाली में फेंक दिया जाएगा,

وَمَآ أَدْرَىٰكَ مَا ٱلْحُطَمَةُ ﴿٥﴾

और तुम्हें क्या मालूम कि वह चूर-चूर कर देनेवाली क्या है?

نَارُ ٱللَّهِ ٱلْمُوقَدَةُ ﴿٦﴾

वह अल्लाह की दहकाई हुई आग है,

ٱلَّتِى تَطَّلِعُ عَلَى ٱلْأَفْـِٔدَةِ ﴿٧﴾

जो झाँक लेती है दिलों को

إِنَّهَا عَلَيْهِم مُّؤْصَدَةٌۭ ﴿٨﴾

वह उनपर ढाँककर बन्द कर दी गई होगी,

فِى عَمَدٍۢ مُّمَدَّدَةٍۭ ﴿٩﴾

लम्बे-लम्बे स्तम्भों में