Hindi Muhammad Farooq Khan
Surah Al-Fatihah ( The Opening ) - Aya count 7
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ ﴿١﴾
अल्लाह के नाम से जो बड़ा कृपालु और अत्यन्त दयावान हैं।
ٱلْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَ ﴿٢﴾
प्रशंसा अल्लाह ही के लिए हैं जो सारे संसार का रब हैं
ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ ﴿٣﴾
बड़ा कृपालु, अत्यन्त दयावान हैं
مَٰلِكِ يَوْمِ ٱلدِّينِ ﴿٤﴾
बदला दिए जाने के दिन का मालिक हैं
إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَإِيَّاكَ نَسْتَعِينُ ﴿٥﴾
हम तेरी बन्दगी करते हैं और तुझी से मदद माँगते हैं
ٱهْدِنَا ٱلصِّرَٰطَ ٱلْمُسْتَقِيمَ ﴿٦﴾
صِرَٰطَ ٱلَّذِينَ أَنْعَمْتَ عَلَيْهِمْ غَيْرِ ٱلْمَغْضُوبِ عَلَيْهِمْ وَلَا ٱلضَّآلِّينَ ﴿٧﴾
उन लोगों के मार्ग पर जो तेरे कृपापात्र हुए, जो न प्रकोप के भागी हुए और न पथभ्रष्ट