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Surah Az-Zalzalah ( The Earthquake )

Hindi

Surah Az-Zalzalah ( The Earthquake ) - Aya count 8

إِذَا زُلْزِلَتِ ٱلْأَرْضُ زِلْزَالَهَا ﴿١﴾

जब ज़मीन बड़े ज़ोरों के साथ ज़लज़ले में आ जाएगी

وَأَخْرَجَتِ ٱلْأَرْضُ أَثْقَالَهَا ﴿٢﴾

और ज़मीन अपने अन्दर के बोझे (मादनयात मुर्दे वग़ैरह) निकाल डालेगी

وَقَالَ ٱلْإِنسَٰنُ مَا لَهَا ﴿٣﴾

और एक इन्सान कहेगा कि उसको क्या हो गया है

يَوْمَئِذٍۢ تُحَدِّثُ أَخْبَارَهَا ﴿٤﴾

उस रोज़ वह अपने सब हालात बयान कर देगी

بِأَنَّ رَبَّكَ أَوْحَىٰ لَهَا ﴿٥﴾

क्योंकि तुम्हारे परवरदिगार ने उसको हुक्म दिया होगा

يَوْمَئِذٍۢ يَصْدُرُ ٱلنَّاسُ أَشْتَاتًۭا لِّيُرَوْاْ أَعْمَٰلَهُمْ ﴿٦﴾

उस दिन लोग गिरोह गिरोह (अपनी कब्रों से) निकलेंगे ताकि अपने आमाल को देखे

فَمَن يَعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍ خَيْرًۭا يَرَهُۥ ﴿٧﴾

तो जिस शख्स ने ज़र्रा बराबर नेकी की वह उसे देख लेगा

وَمَن يَعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍۢ شَرًّۭا يَرَهُۥ ﴿٨﴾

और जिस शख्स ने ज़र्रा बराबर बदी की है तो उसे देख लेगा