Hindi
Surah Al-Ma'un ( Small Kindnesses ) - Aya count 7
أَرَءَيْتَ ٱلَّذِى يُكَذِّبُ بِٱلدِّينِ ﴿١﴾
क्या तुमने उस शख़्श को भी देखा है जो रोज़ जज़ा को झुठलाता है
فَذَٰلِكَ ٱلَّذِى يَدُعُّ ٱلْيَتِيمَ ﴿٢﴾
ये तो वही (कम्बख्त) है जो यतीम को धक्के देता है
وَلَا يَحُضُّ عَلَىٰ طَعَامِ ٱلْمِسْكِينِ ﴿٣﴾
और मोहताजों को खिलाने के लिए (लोगों को) आमादा नहीं करता
فَوَيْلٌۭ لِّلْمُصَلِّينَ ﴿٤﴾
तो उन नमाज़ियों की तबाही है
ٱلَّذِينَ هُمْ عَن صَلَاتِهِمْ سَاهُونَ ﴿٥﴾
जो अपनी नमाज़ से ग़ाफिल रहते हैं
ٱلَّذِينَ هُمْ يُرَآءُونَ ﴿٦﴾
जो दिखाने के वास्ते करते हैं
وَيَمْنَعُونَ ٱلْمَاعُونَ ﴿٧﴾
और रोज़मर्रा की मालूली चीज़ें भी आरियत नहीं देते